सोमवार, 7 मार्च 2011

मेरे उद्‍गार




‘स्रवंति’ फरवरी 2011 ‘उत्तर आधुनिक विमर्श और समकालीन साहित्य’ विशेषांक के लोकार्पण के अवसर पर गुरुओं द्वारा मुघे सम्मानित किया गया, जिसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकती थी। इस सम्मान की मैं पात्र हूँ या नहीं यह तो मैं नहीं जानती, परंतु जिस तरह से मुझे सम्मानित किया गया उस क्षण को मैं कभी भूल नहीं सकूँगी। इसके लिए अपने गुरुवर प्रो.ऋषभ देव शर्मा तथा अन्य के प्रति कृतज्ञ हूँ।



4 टिप्‍पणियां:

बलविंदर ने कहा…

पुनः छोटी बहन नीरजा को बहुत-बहुत बधाई । सच में कितनी सारी ऊर्जा समाई है, तुम में कितनी लगन से अपने काम में व्यस्थ हो जाती हो, मैं तुम्हें इस सम्मान का सौ प्रतिशत हकदार मानती हूँ। इतनी सारी व्यस्थताओं के बावजूद आपने सभा के कार्य को कभी नहीं टाला। तो इसी तरह ठेर सारी शुभकामनाओं के साथ और और उत्साह से आगे बढ़ती रहो !

गुर्रमकोंडा नीरजा ने कहा…

धन्यवाद मेरी बड़ी दी

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

आज मंगलवार 8 मार्च 2011 के
महत्वपूर्ण दिन "अन्त रार्ष्ट्रीय महिला दिवस" के मोके पर देश व दुनिया की समस्त महिला ब्लोगर्स को "सुगना फाऊंडेशन जोधपुर "और "आज का आगरा" की ओर हार्दिक शुभकामनाएँ.. आपका आपना

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

आदरणीया गुर्रमकोंडा नीरजा जी
सादर अभिवादन !

आप गुणी हैं , और गुणी का सम्मान करना समाज का दायित्व है ।

गुरुओं द्वारा सम्मानित होने पर
♥हार्दिक बधाई ! शुभकामनाएं ! मंगलकामनाएं !♥


- राजेन्द्र स्वर्णकार