शनिवार, 14 अप्रैल 2012

हाइकू



हाइकू  
दुःख

चेहरा नम


आंसू का स्रोत कहाँ


दिल में गम

 किताब
अलमारी में  
किताबों का ढेर है
निद्रा में लीन  



गर्भ से


कन्या भ्रूण ने
लगाई है गुहार
मुझे न मार.
      अंश हूँ मैं भी
        तुम्हारे ही प्यार का
          दंश फिर क्यों ?
                मत चढ़ाओ
                   सूली पर बेटी को
                       जीने दो उसे.
मत छीनो
   जीने का अधिकार
        मुझे दो प्यार ...

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